बाराबंकी। देवा स्थित हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर होने वाला कातृिक मेला इस साल 18 अक्तूबर से 27 अक्तूबर तक होगा। जिला प्रशासन ने इसकी घोषणा कर दी है। आइये आज आप को इस मेले के इतिहास और सांस्कृतिक महत्व से रु-ब-रू कराते हैं।
देवा मेला उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्थित देवा शरीफ में आयोजित होने वाला एक प्रसिद्ध मेला है, जिसे ना केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी जाना जाता है। यह मेला हज़रत वारिस अली शाह की याद में हर साल बड़े धूमधाम से आयोजित किया जाता है और इसमें विभिन्न धर्मों, जातियों और समुदायों के लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं।
देवा मेले का इतिहास
देवा मेले की शुरुआत 1926 में हुई थी। यह मेला हज़रत वारिस अली शाह के वार्षिक उर्स के अवसर पर आयोजित होता है। हज़रत वारिस अली शाह एक प्रसिद्ध सूफी संत थे, जिनका संदेश मानवता, प्रेम और भाईचारे का था। उनका मकबरा देवा शरीफ में स्थित है, जो इस मेले का मुख्य केंद्र होता है।
मेले की शुरुआत के समय इसे एक छोटे पैमाने पर आयोजित किया गया था, लेकिन समय के साथ यह मेला अपने धार्मिक महत्व के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक मेलजोल का भी बड़ा केंद्र बन गया। स्वतंत्रता संग्राम के समय, यह मेला राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बना, जहाँ हिन्दू और मुस्लिम एक साथ इकट्ठा होते थे।
मेले की प्रमुख गतिविधियां
देवा मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। यहाँ सूफी संगीत, कव्वाली, मुशायरा, और नाटक जैसी गतिविधियाँ होती हैं, जो इस मेले को और भी जीवंत बना देती हैं। इसके अलावा, मेला मैदान में विभिन्न प्रकार के दुकानें, खाने-पीने के स्टॉल, और झूले भी लगाए जाते हैं, जो हर आयु वर्ग के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होते हैं।
मेले के दौरान हजारों श्रद्धालु हज़रत वारिस अली शाह के मकबरे पर आकर चादर चढ़ाते हैं और दुआ करते हैं। धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ यह मेला स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम होता है, क्योंकि इस समय यहाँ व्यापारियों की अच्छी खासी आमदनी होती है।
मेले का वर्तमान स्वरूप
वर्तमान में, देवा मेला न केवल बाराबंकी जिले बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के प्रमुख मेलों में से एक है। हर साल लाखों लोग इस मेले में भाग लेने आते हैं। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन इस मेले को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए विशेष इंतजाम करता है, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, और साफ-सफाई जैसी सुविधाएँ शामिल होती हैं।
देवा मेला एक ऐसा अवसर है जहाँ विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं का संगम होता है। यह मेला भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब का प्रतीक है और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करता है। मेले में आकर लोग न केवल धार्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं बल्कि सांस्कृतिक धरोहर से भी रूबरू होते हैं।
देवा मेला एक ऐसा मेला है जो ना सिर्फ धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर का भी अभिन्न हिस्सा है। इस मेले का इतिहास और इसका आयोजन इस बात का प्रमाण है कि हमारी विविधता में ही हमारी ताकत है। देवा मेला हमारे देश के उन अनमोल धरोहरों में से एक है जो हमें हमारी परंपराओं, संस्कृतियों और एकता की याद दिलाता है।
deva fair
deva mela
barabanki
uttar pradesh
varanasi
jaipuria dharamshala varanasi
etah
uttar pradesh map
mahendra coaching lucknow
awas yojana list 2022 uttar pradesh
oneplus store lucknow
nand residency ghazipur
up ka map
hapur
about lucknow
about uttar pradesh
agra district
agra location
agra state
agra uttar pradesh
ahmamau
akbarpur
aliganj etah
aligarh map
allahabad
allahabad city
allahabad india
allahabad location
allahabad prayagraj
ambedkar nagar
amethi
aminabad lucknow
amritpur
amroha
anand bhavan allahabad
anand bhawan allahabad
aonla
assi ghat varanasi
atarra
auraiya
azamgarh
azamgarh airport
azamgarh map
badaun
badaun up
bahraich
bahraich district
baksar
bakshi ka talab
balamau
ballia
ballia map
balrampur
balrampur up
banda up
bansgaon
bar in varanasi
bar stock exchange varanasi
barabanki
baraut
barcode allahabad
bareilly
bareilly city
bareilly famous for
bareilly map
bareilly up
bareilly uttar pradesh
basti district
basti up
basti uttar pradesh
bhadohi
bhadohi vidhan sabha result 2022
bharthana
bhojipura
bhu map up
bhulekh ballia
bhulekh barabanki
bhulekh deoria
bhulekh ghazipur
bhulekh map up
bhulekh mathura
bhulekh mirzapur
bhulekh saharanpur
bhulekh sultanpur
bhulekh unnao
bidhuna
biggest mall in lucknow
biharigarh
bijnor
bijnor up
bindki
bisauli vidhan sabha result 2022
biswan
bjp in up
bjp uttar pradesh
bkt lucknow
botanical garden lucknow
brijghat
budaun
budhana
bulandshahar
bulandshahr
cantt varanasi

0 टिप्पणियाँ