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स्कूल का छज्जा नहीं, विपक्षी दलों की किस्मत से छीका टूटा!

बाराबंकी। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के सद्दीपुर रोड पर स्थित निजी विद्यालय अवध एकेडमी का छज्जा गिरने से 40 बच्चों के घायल होने के बाद हड़कंप मच गया। मौके पर सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने पहुंचकर मौका मुआएना किया। बच्चों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। डीएम ने इस मामले में जांच के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की कमेटी गठित की है। वहीं इस पूरे मामले पर दिन भर राजनीति होती रही। 20 फिट ऊंचे छज्जे से गिरकर कई छात्रों की हालत गंभीर बनी हुई है। सीएम योगी तक ने मामले का संज्ञान लिया है। बच्चों के जख्मी होने की खबर जिले में आग की तरह फैली। इसके बाद इस मामले पर सियासत भी तेज हो गई। दुखद खबर को सुनते ही अस्पताल में सियासी लोगों का जमावड़ा लग गाय। सदर विधायक सुरेश यादव, सासंद तनुज पुनिया, पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप समेत विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने अस्पताल में मरीजों का हाल जाना और सरकार को घेरने की कोशिश की। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप और पार्टी के अन्य लोगों ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर घायल बच्चों के परिवार वालों से मुलाकात की और उन्हें सांतत्वना दी। उन्होंने बच्चों के बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों से बात करके हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह बड़ी घटना है। इस दुख की घड़ी में पूरी समाजवादी पार्टी बच्चों के परिजनों के साथ खड़ी है। बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना करता हूं।
वहीं सदर विधायक धर्मराज सिंह उर्फ सुरेश यादव ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर घायल बच्चों से मिलकर उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की और परिजनों से मिलकर इन विषम परिस्थितियों में धैर्य धारण कराते हुए उन्हे आश्वस्त किया कि दुख कि इस घड़ी में पूरी समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है। विधायक धर्मराज ने मौजूद चिकित्सकों की टीम को निर्देशित किया और कहा कि बच्चों के इलाज में किसी भी प्रकार कोई कोताही और ढिलाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नौनिहालों के जीवन से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन के साथ साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और माध्यमिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कड़ी से कड़ी करवाई की मांग की और बच्चों के परिजनों को 1-1 लाख रुपए के मुआवजे की मांग की।
वहीं सांसद तनुत पुनिया ने भी अस्पताल जाकर बच्चों का हाल जाना और हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होने कहा दुर्घटना में विद्यालय के अबोध दर्जनों छात्र घायल हो गये। छात्रों के परिजन अस्पताल में इलाज के लिये दरबदर की ठोकरें खा रहे हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ विभाग के कर्मचारी घटना की गम्भीरता को समझें और अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझकर घायल छात्रों को अच्छे से अच्छा इलाज उपलब्ध करायें। तनुज ने कहा कि भ्रमण के दौरान मुझे अक्सर अवगत कराया जाता है कि, जर्जर भवन में विद्यालय संचालित हैं और अबोध बच्चों के जीवन संकट में हैं, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी आंख मूंदकर विद्यालय के संचालित करने में उनकी मदद कर रहे हैं, जो सर्वथा गलत ही नहीं अंकित है ऐसे जिम्मेदार शिक्षा विभाग के अधिकारी व जर्जर भवनों में संचालित स्कूलों का प्रबन्धतंत्र सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। तनुज पुनिया ने हादसे की निन्दा की और कहा कि, अचानक विद्यालय के छज्जा गिरने से पूरे क्षेत्र में हड़कम्प मच गया और स्थानीय लोग राहत और बचाव कार्य में जुट गये जिससे घायल बच्चों की जान बचायी जा सके। अब इन बच्चों को अच्छे इलाज और अच्छी इमारत में संचालित विद्यालयों की जरूरत है जिस पर जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारी ध्यान दें।

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