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Barabanki: शिक्षक हितों से कोई समझौता नहीं: अभिषेक सिंह

 

Barabanki News... प्रदेश सरकार की तरफ से कर्मचारियों की चल–अचल संपत्ति का विवरण जारी के आदेश के खिलाफ शिक्षक भी मुखर होने लगे हैं। इस मामले को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बुधवार को वित्त एवं लेखाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी से मुलाकात की और स्पष्ट किया कि परिषदीय शिक्षक राज्य कर्मचारी नहीं हैं, अतः वर्तमान आदेश उन पर लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि बिना किसी स्पष्ट शासनादेश के चल–अचल संपत्ति विवरण को वेतन से जोड़ना न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि शिक्षक हितों के भी प्रतिकूल है। 


आपको बता दें कि चल–अचल संपत्ति विवरण को लेकर जारी हालिया शासनादेश ने परिषदीय शिक्षकों के बीच जिस भ्रम और असमंजस को जन्म दिया, वह अब केवल स्थानीय स्तर का विषय नहीं रह गया है। शिक्षक संघों के मुताबिक आदेश के सूक्ष्म अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि यह प्रावधान राज्य कर्मचारियों पर लागू है। भले ही पत्र में बेसिक शिक्षा शब्द का उल्लेख हो, किंतु उसका आशय बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत राज्य कर्मचारी हैं, न कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर इसे परिषदीय शिक्षकों से जोड़कर देखा जाने लगा, जिससे वेतन और सेवा शर्तों को लेकर चिंता स्वाभाविक थी। 

 इस मुद्दे को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने वित्त एवं लेखाधिकारी संतोष कुमार मौर्या और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक से वार्ता की। वार्ता के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि परिषदीय शिक्षक राज्य कर्मचारी नहीं हैं। अतः वर्तमान आदेश उन पर लागू नहीं होता। बिना किसी स्पष्ट शासनादेश के चल–अचल संपत्ति विवरण को वेतन से जोड़ना न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि शिक्षक हितों के भी प्रतिकूल है। उन्होंने अवगत कराया है कि इस मुद्दे पर केवल जिला स्तर ही नहीं, बल्कि प्रांतीय संगठन ने भी स्पष्ट रूप से आपत्ति दर्ज कराई है। प्रांतीय नेतृत्व ने एक स्वर में कहा है कि यदि इस आदेश को परिषदीय शिक्षकों पर लागू करने का प्रयास किया गया, तो उसका संगठित और लोकतांत्रिक विरोध किया जाएगा। 

यह विरोध किसी पारदर्शिता के खिलाफ नहीं, बल्कि अस्पष्ट और अन्यायपूर्ण व्याख्या के विरुद्ध है। मुलाकाता के दौरान वित्त एवं लेखाधिकारी संतोष कुमार मौर्या ने मार्गदर्शन पत्र भेजे जाने एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने सकारात्मक रुख प्रदर्शित करते हुए प्रकरण के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। प्राथमिक शिक्षक संघ की मांग है कि शासन स्तर पर भी इस विषय में स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं, ताकि परिषदीय शिक्षक अनावश्यक दबाव और भ्रम से मुक्त होकर अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन कर सकें, जिला से प्रांत तक शिक्षक संगठनों की एकजुटता यह संदेश देती है कि शिक्षक अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए सजग और संगठित हैं।

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