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Barabanki: डॉ. सुदेश कुमार ने जनपद का बढ़ाया मान, टैगोर नेशनल पुरस्कार के लिए चयनित

 

Barabanki News... भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने 'टैगोर नेशनल फेलोशिप फॉर कल्चरल रिसर्च' (TNFCR) के परिणामों की घोषणा कर दी है। इस वर्ष चयन प्रक्रिया बेहद कड़ी रही, जिसमें विभिन्न बैच वर्षों के लिए प्राप्त हजारों आवेदनों में से देश भर से केवल 35 शोधार्थियों (13 फेलो और 22 स्कॉलर) का ही अंतिम चयन किया गया है। इस गौरवशाली सूची में जनपद के ब्लॉक-सिद्धौर के बीबीपुर निवासी और दिल्ली विश्वविद्यालय से पीएचडी धारक डॉ. सुदेश कुमार पुत्र श्री रामकुमार वर्मा ने अपना स्थान बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 


 डॉ. सुदेश कुमार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA), नई दिल्ली के साथ संबद्ध किया गया है। वे “भारत में रामकथा की कलात्मक अभिव्यक्ति” विषय पर आगामी दो वर्षों तक गहन शोध करेंगे। संस्कृति मंत्रालय की राष्ट्रीय चयन समिति (NSC) ने सचिव (संस्कृति) की अध्यक्षता में हुई बैठक में डॉ. सुदेश के शोध प्रस्ताव की महत्ता को देखते हुए इस पर मुहर लगाई है। 

अपने शोध के माध्यम से डॉ. सुदेश यह अन्वेषण करेंगे कि भारतीय चित्रकला, मूर्तिकला, लोककला और नाट्य विधाओं में रामकथा की उपस्थिति किस प्रकार रही है। उनका अध्ययन न केवल रामकथा के सौंदर्यबोध को रेखांकित करेगा, बल्कि भारतीय कला परंपरा की ऐतिहासिक निरंतरता को भी नई दृष्टि प्रदान करेगा। 


हजारों आवेदकों के बीच मात्र 35 चयनितों में शामिल होना डॉ. सुदेश की अकादमिक योग्यता का प्रमाण है। इस चयन पर गाँव और दिल्ली के विद्वानों ने हर्ष व्यक्त किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के मार्गदर्शन में होने वाला यह शोध भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

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