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पराली प्रबन्धन का एक्शन प्लान तैयार, पराली जलाने वाले हो जाएं खबरदार!

 

पराली प्रबन्धन पर जिलाधिकारी की अहम बैठक 
डीएम ने दिए जरूरी दिशा-निर्देश 
 पराली जलाने पर लगेगा बड़ा अर्थदंड 

 BARABANKI NEWS...धान की फसल कटने के बाद पराली जलाने को लेकर प्रशासन ने किसानों को आगाह किया है। डीएम ने स्पष्ट किया है कि पराली जलाने वाले किसानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत पराली जलाने वाले किसानों के धान की खरीद नहीं की जाएगी, उन्हें सरकारी योजनाओं से महरूम कर दिया जाएगा। इसके साथ ही सख्त आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया गया है। 

 कलक्ट्रेट के लोक सभागार में जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कृषक उत्पादक संगठन नीति के अन्तर्गत गठित जनपदस्तरीय क्रियान्वयन समिति के साथ ही प्रमोशन आफ क्रॉप रेजिड्यू फॉर इन-सीटू मैनेजेन्ट आफ क्रॉप रेजिड्यू योजना के तहत पराली प्रबन्धन पर विशेष चर्चा हेतु कृषक उत्पादक संगठनों, बेलर धारक एग्रीगेटर एवं सीबीजी प्लांट रिलायन्स इण्डस्ट्रीज लिमिटेड के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सीबीजी प्लांट हेतु पराली कलेक्शन सेन्टर का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये, ताकि सभी इच्छुक किसान भाई अपनी पराली प्लांट को उपलब्ध करा सकें। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि इस वर्ष जो भी किसान पराली जलाते हुये पायें जायेंगे उनका धान किसी भी क्रय केन्द्र द्वारा क्रय नहीं किया जायेगा और उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित कर दिया जायेगा। साथ ही बार-बार घटना की पुनरावृत्ति पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई जायेगी।

इस तरह लगेगा अर्थदंड उप कृषि निदेशक ने अवगत कराया कि शासनादेश के अनुरूप पराली/फसल अवशेष जलाने की घटना पाये जाने पर प्रति घटना निम्नानुसार अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने का प्रावधान है। जिसके तहत कृषि भूमि का क्षेत्रफल 2 एकड़ से कम होने की दशा में अर्थदण्ड 2500 रुपये प्रति घटना। वहीं कृषि भूमि का क्षेत्रफल 2 एकड़ से अधिक किन्तु 5 एकड़ से कम होने की दशा अर्थदण्ड 5000 रुपये प्रति घटना और कृषि भूमि का क्षेत्रफल 5 एकड़ से अधिक होने की दशा में अर्थदण्ड 15000 रुपये प्रति घटना लिया जाएगा। समस्त कृषक उत्पादक संठनों से अपील की गई की पराली प्रबन्धन का व्यापक प्रचार-प्रसार करायें एवं किसानों को जागरूक करें। 

बैठक में सर्वप्रथम केन्द्र अनुदान पोषित कृषक उत्पादक संगठनों को समस्त लाइसेंस से संतृप्त करने की समीक्षा की गई एवं निर्देशित किया गया कि समस्त इच्छुक एफपीओ को लाइसेंस से अनिवार्य रूप से संतृप्त करा दिया जाये। रिलायंन्स इण्डस्ट्रीज के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि उनके स्तर से बायोफ्यूल सर्किल को जनपद में कृषकों के खेत से पराली की बेल तैयार कर अपने कलेक्शन सेन्टर तक ले जाने एवं स्टोर करने हेतु नामित किया गया है। बायोफ्यूल के प्रतिनिधि को निर्देशित किया गया कि जनपद में अपने समस्त कलेक्शन सेन्टर का स्थान एवं उसके प्रभारी का विवरण उप कृषि निदेशक को उपलब्ध करा दें ताकि कृषकों को समस्त ग्रुपों के माध्यम से सूचित किया जा सके। जिलाधिकारी ने रिलायन्स इण्डस्ट्रीज लिमिटेड के प्रतिनिधि को बताया कि यदि किसी ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर हेतु अस्थायी स्थान की आवश्यकता हो, तो प्रस्ताव प्रस्तुत कर दें, ताकि उन्हें भूमि उपलब्ध कराई जा सके। बैठक में कई कृषक उत्पादक संगठन प्रतिनिधियों की मांग के क्रम में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इच्छुक कृषक उत्पादक संगठनों का विवरण बायोफ्यूल सर्किल को उपलब्ध करा दें ताकि वे उनसे सम्पर्क कर अग्रेतर कार्यवाही कर सकें। बायोफ्यूल के प्रतिनिधि ने अवगत कराया कि उनके द्वारा कृषकों के खेत से ही बेल बनाकर उसकी उठान भी करायेंगे। इसके लिये अभी कृषक को 30 रुपये प्रति बेल (एक बेल लगभग 180 किग्रा0) इन्सेन्टिव के रूप में दिया जायेगा। कृषक भाई अपनी पराली से बेल बनवाने हेतु मोबाइल नम्बर 8484060059 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

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