BRABANKI NEWS.... शहंशाह ग़ज़ल हजरत-ए-खुमार बाराबंकवी की 105वीं जयंती के मौके पर कारवान-ए-इंसानियत के पदाधिकारियों ने नगर की कर्बला स्थित उनकी कब्र पर गुलपोशी की और फातिहा पढ़ा। फातिहे के बाद तमाम पदाधिकारियों और उनके चाहने वालों ने खुमार साहब के उर्दू अदब में योगदान को याद किया।
इस मौके पर कारवान-ए-इंसानियत के सदर तारिक जीलानी ने कहा कि खुमार साहब साहब हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। मशहूर शायर शोएब अनवर ने कहा कि खुमार साहब की शायरी आज भी दिलों में उतर जाती है। नई नस्ल में भी खुमार का खुमार सर चढ़कर बोल रहा है। सभासद, वकील और नगर उपाध्यक्ष शहर कांग्रेस कमेटी मो फैसल ने कहा कि खुमार साहब ने पूरी दुनियां में बाराबंकी का नाम रौशन किया है। बाराबंकी खुमार को कभी भुला नहीं सकता है।
मशहूर शायर शहबाज़ तालिब ने कहा की खुमार साहब ने उर्दू शायरी को जिंदगी आता की और क्लासिकल ग़ज़ल के दामन को कभी नहीं छोड़ा। वहीं शाश्वत दर्पण ने अपने तासुरात का इजहार करते हुए कहा कि खुमार साहब मुशायरे की जान हुआ करते थे। विश्व विख्यात शायर और खुमार साहब के पोते फैज़ खुमार ने कहा कि हमारे दादा खुमार साहब बड़े शायर तो थे ही उससे एक अच्छे इंसान भी थे। आज उनकी कमी हम सब को महसूस होती है। कांग्रेस नेता शब्बर रिज़वी ने कहा की खुमार साहब बाराबंकी की ही नहीं बल्के पूरे हिंदुस्तान की शान थे।
इस मौके पर मो,रफी मो,अकदास रेहान रौनकी,अरशद खान फैसल मजीद आदि मौजूद रहे।
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